बुधवार, 5 जुलाई 2017

Rajkumar soni






क्यों लिया जाये एयरटेल का इंटरनेट टीवी पढि़ए ये 5 कारण







भोपाल। इंटरनेट हमारे कंटेट उपयोग करने के तरीके को बदल रहा है। खासकर डेटा के बडे बंडल के साथ किफायती हाईस्पीड ब्राडबैंड प्लान्स ऑनलाइन होते हुए कई उपकरणों पर घरों में कंटेट लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। घर पर ऑनलाइन सिनेमा का अनुभव निर्मित हो रहा है।
भारत में पहली बार 360डिग्री होम एंटरटेनमेंट एक्सपीरियंस प्रदान करने के लिए 500 से अधिक टीवी चौनलों के साथ सर्वोत्तम अनुभव प्राप्त कर सकते है। टीवी पर सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन कंटेट लाकर भारत के पहले एण्ड्राइड पावर्ड हाइब्रिड सेटअप बॉक्स के साथ एयरटेल टीवी ने मैदान मार लिया है।

इससे एक साथ कई उपकरणों तथा रिमोट के साथ काम करने की समस्या समाप्त हो गई है तथा यह निर्बाध रूप से सभी काम बडी आसानी से करता है। ऐसे पांच कारण हैं जिनके चलते आपको अपनी अगली खरीदी में इसे शामिल करने के लिए सोचना चाहिए।:

किसी भी टीवी को स्मार्ट टीवी बना देता है

इसकी मदद से आपका मौजूदा टीवी पहले से ज्यादा बेहतर तथा स्मार्ट बन जाता है। आपके टीवी का मॉडल चाहे जो भी हो या उसके स्क्रीन की साइज चाहे जितनी भी क्यों न हो एयरटेल इंटरनेट टीवी उसपर आनलाइन कंटेट प्रदान करता है। आप अपने मौजूदा टीवी पर नेटफ्लिक्स, यू टयुब वीडियो, एयरटेल मूव्हीज, गूगल प्ले तथा गूगल म्युजिक कंटेट लाइब्रेरियज का आनंद उठाएं। अब आपको स्मार्ट टीवी खरीदने की कोई जरूरत नहीं है। इसके साथ ही आपको मिलता है अपने सैटेलाईट टीवी चैनलों का कोटा जिससे आपको ऐसे नियमित शो देखने से भी वंचित नहीं होना पडता है जो आनलाइन नहीं हैं।

आपकी तमाम आवश्यकताओं के लिए एक ही उपकरण

आपको सैटेलाइट चैनलों, म्युजिक, वीडियोज, गेमिंग या किसी भी अन्य चीज के लिए अन्य किसी उपकरण की जरूरत नहीं है। इन-होम मनोरंजन के अनुभव को पुनःपरिभाषित करने वाला इंटरनेट टीवी दो दुनियाओं - लिनियर टीवी चैनल्स तथा इंटरनेट के सर्वश्रेष्ठ कंटेटस को आपके टीवी को असीमित वीडियोज, गेम्स, म्युजिक, एप्स तथा 500 से ज्यादा सैटेलाइट टीवी चैनल्स के साथ एंटरटेनमेट का पावर हाउस बना देता है। इंटरनेट टीवी बिल्ट-इन क्र्रोमकास्ट के साथ आता है जो आपके टीवी स्क्रीन पर आपके स्मार्टफोन के हजारो एप्स की सामग्री प्रदान करता है। यह सब एक सरल यूजर इंटरफेस में परिवर्तित किया गया है जो आपको बेतरतीब फैले वायरों के जाल से मुक्ति दिलाकर केवल एक रिमोट और साफ क्लटर फ्री केबलिंग अथवा वायरों के बदले एक केबल से सारा काम आसान कर देता है।

4जी कंटेट रेडी

यदि आपके पास 4जी रेडी टीवी है जिसे 4जी कंटेट का इंतजार है तो एयरटेल इंटरनेट यह काम बडी अच्छी तरह कर देगा। यदि आप टीवी देखने का शानदार और अलग अनुभव करते हैं तो इसके लिए 4ज्ञ कंटेट को इस पर स्ट्रीम करें।





वॉइस सर्च के साथ इनोवेटिव रिमोट

इसमें  भारत का पहला एसटीबी$ टीवी रिमोट है जो ब्लूटूथ इनेबल्ड है तथा गूगल वाइस सर्च फीचर्स के साथ एकीकृत है। इससे ऑफलाइन और आनलाइन कंटेट को खोजना आसान तथा सरल हो गया है। अब आपको चैनल नम्बर याद रखने की कोई जरूरत नहीं है बस रिमोट में नाम बोलिए और अपने टीवी स्क्रीन पर उसे पाइए ! एयरटेल ने एयरटेल इंटरनेट टीवी के लिए खासकर मोबाइल फोन्स के लिए गेमपेड एप्लिकेषन भी लाचं किया है जिसकी मदद से आप अपने मोबाइल फोन को टीवी रिमोट और गेम कंट्रोलर के रूप में इस्तेमाल कर सकते है।

बेजोड कीमत !

3 महिने के सब्सक्रिप्षन के साथ इसकी कीमत केवल रूपए 4999 है तथा 12 महिने के फ्री डीटीएच के साथ इसकी कीमत रूपए 7999 है। मौजूदा एयरटेल डीटीएच यूजर्स 3 माह के फ्री सब्सक्रिप्षन के साथ इसे केवल रूपए 3999 में अपग्रेड कर सकते हैं। जिन एयरटेल ब्राडबैंड ग्राहकों के पास रूपए 999़ प्रतिमाह का प्लान है वह इंटरनेट टीवी पर 25 जीबी का अतिरिक्त डेटा कोटे का आनंद ले सकते हैं। जिनका रेंटल प्लान रूपए 999 प्रतिमाह से कम है उन्हें 10 जीबी का अतिरिक्त डेटा मिलेगा। फ्री सब्सक्रिप्षन के बाद एयरटेल ब्राडबैंड ग्राहक हर माह इंटरनेट टीवी रिचार्ज पर 10 प्रतिषत कैषबैक का फायदा भी उठा सकते हैं।


रविवार, 2 अप्रैल 2017

करोंद से कोलार तक मीना समाज की महारैली



 आम्रश्री में जुटे पांच हजार समाज बंधु
भोपाल। मप्र मीना समाज सेवा संगठन द्वारा अपने आराध्य भगवान मीनेष की जयंती के अवसर पर रविवार को विशाल चल समारोह और वाहनों की महारैली का आयोजन किया गया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लालाराम मीणा के नेतृत्व में सुबह 11 बजे करोंद चौराहे पर संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रणवीरसिंह रावत, प्रदेश संगठन मंत्री अमृतलाल मीना, कोषाध्यक्ष जगदीश मीना,  जिला अध्यक्ष परसराम मीणा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष और वरिष्ठ समाजसेवी लीलेन्द्र मारण, संगठन के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष हरभजन मीना, हरगोविन्द मारण, भगवानसिंह मीना, शेरू मीना, मंडी सदस्य अशोक मीना सहित अन्य समाज सेवियों ने भगवान मीनेष की पूजा कर रैली का शुभारंभ किया। रैली में करीब सात सौ से अधिक चार पहिया और दो पहिया वाहनों के अलावा दो रथ, बग्घी, घोड़े भी शामिल थे।
सैकड़ों जगह हुआ स्वागत : 
चल समारोह करोंद चौराहे से हाउसिंग बोर्ड, सिंधी कालोनी, भोपाल टाकीज, हमीदिया रोड, भारत टाकीज से जहांगीराबाद, रोशनपुरा, टीटी नगर, चूनाभट्टी होते हुए कोलार के नयापुरा स्थित आम्रश्री गार्डन पहुंचा। इस शहर में सैकड़ों स्थानों पर व्यापारिक संगठनों, समाजसेवी संगठनों, दुकानदारों और आम नागरिकों ने भगवान मीनेष की आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर समारोह का स्वागत किया।
हर दिन दस मिनट दें: 
आम्रश्री गार्डन में आयोजित सभा में प्रदेश अध्यक्ष लालाराम मीणा ने आव्हान करते हुए कहा कि समाज विकास के लिए रोज केवल 10 मिनट का समय दें। इस दौरान समाज के प्रति चिंतन और मंथन करें। कार्यक्रम को अनेक समाज सेवियों ने करते हुए समाज विकास की दिशा में संगठित और सार्थक प्रयास करने की बात की तथा अनेक सुझाव दिए। इसके बाद गार्डन के संचालक बंटी मारण, पार्षद मंजीत मारण तथा कोलार के सामाजिक संगठनों ने सभी अतिथियों का शाल और तिलक कर सम्मान किया।
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करोंद से कोलार तक मीना समाज की महारैली



आम्रश्री में जुटे पांच हजार समाज बंधु
भोपाल। मप्र मीना समाज सेवा संगठन द्वारा अपने आराध्य भगवान मीनेष की जयंती के अवसर पर रविवार को विशाल चल समारोह और वाहनों की महारैली का आयोजन किया गया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लालाराम मीणा के नेतृत्व में सुबह 11 बजे करोंद चौराहे पर संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रणवीरसिंह रावत, प्रदेश संगठन मंत्री अमृतलाल मीना, कोषाध्यक्ष जगदीश मीना,  जिला अध्यक्ष परसराम मीणा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष और वरिष्ठ समाजसेवी लीलेन्द्र मारण, संगठन के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष हरभजन मीना, हरगोविन्द मारण, भगवानसिंह मीना, शेरू मीना, मंडी सदस्य अशोक मीना सहित अन्य समाज सेवियों ने भगवान मीनेष की पूजा कर रैली का शुभारंभ किया। रैली में करीब सात सौ से अधिक चार पहिया और दो पहिया वाहनों के अलावा दो रथ, बग्घी, घोड़े भी शामिल थे।
सैकड़ों जगह हुआ स्वागत :
चल समारोह करोंद चौराहे से हाउसिंग बोर्ड, सिंधी कालोनी, भोपाल टाकीज, हमीदिया रोड, भारत टाकीज से जहांगीराबाद, रोशनपुरा, टीटी नगर, चूनाभट्टी होते हुए कोलार के नयापुरा स्थित आम्रश्री गार्डन पहुंचा। इस शहर में सैकड़ों स्थानों पर व्यापारिक संगठनों, समाजसेवी संगठनों, दुकानदारों और आम नागरिकों ने भगवान मीनेष की आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर समारोह का स्वागत किया।
हर दिन दस मिनट दें:
आम्रश्री गार्डन में आयोजित सभा में प्रदेश अध्यक्ष लालाराम मीणा ने आव्हान करते हुए कहा कि समाज विकास के लिए रोज केवल 10 मिनट का समय दें। इस दौरान समाज के प्रति चिंतन और मंथन करें। कार्यक्रम को अनेक समाज सेवियों ने करते हुए समाज विकास की दिशा में संगठित और सार्थक प्रयास करने की बात की तथा अनेक सुझाव दिए। इसके बाद गार्डन के संचालक बंटी मारण, पार्षद मंजीत मारण तथा कोलार के सामाजिक संगठनों ने सभी अतिथियों का शाल और तिलक कर सम्मान किया।
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मंगलवार, 18 अक्तूबर 2016

हरफनमौला व्यक्तित्व को सब करते हैं सलाम

सप्ताह का इंटरव्यू

सुनील सोन्हिया

बैंकिंग, नाटक, गायन सहित विविध विधाओं में पारंगत हैं सुनील सोन्हिया

- राजकुमार सोनी
सरल स्वभाव, सुहृदय एवं मिलनसार सुनील सोन्हिया सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया इब्राहीमपुरा में वरिष्ठ शाखा प्रबंधक के पद पर कार्य करते हुए समाजसेवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में संलग्न हैं। चूंकि श्री सोन्हिया बैंक में कार्यरत हैं अत: जिस शहर में जाते हैं वहां अपनी विविध गतिविधियों से अपनी छाप छोड़ जाते हैं।
पूर्व में मुंबई में रहते हुए टीवी सीरियल देवी, धडक़न, बाबूजी, लेकिन वो सच था में अभिनय किया तथा सहारा टीवी के एक कार्यक्रम चि_ी आई है में एंकर की भूमिका अदा की। गायिकी के क्षेत्र में विभिन्न आर्केस्ट्रा में मुकेश की आवाज में गीतों की श्रृंखला प्रस्तुत की। हाल ही में नवरात्र पर देवी गीत एलबम ‘दरबार तेरा है न्यारा’ में अतिथि गायक के रूप में दो गीत गोय तथा वीडियो एलबम में अभिनय किया। लायंस क्लब से जुड़े रहकर ‘पल्स पोलियो अभियान’ में सक्रिय योगदान दिया। श्री सोन्हिया ने निर्धन छात्रों को बैंकिंग परीक्षा की तैयारी हेतु पढ़ाने की योजना बनाई है। सोन्हिया की दो पुत्रियाँ हैं। बेटी बचाओ अभियान हेतु एक गीत लिख रहे हैं। इस सबके लिए अपनी पत्नी श्रीमती विद्या सोन्हिया को प्रेरणा मानते हैं। उन्होंने बताया कि 1992 में पहली बार लिपिक के रूप में बैंकिंग सेक्टर से कैरियर शुरू किया। 1998 में राजभाषा अधिकारी बनकर मुंबई गया। 2004 में छिंदवाड़ा, 2005 में सिवनी में शाखा प्रबंधक बना। 2009 में कटनी के बाद वरिष्ठ शाखा प्रबंधक के पद पर बाड़ी परेली में 2011 में रहा। 2013 में भोपाल आया और न्यू मार्केट, नरेला शंकरी, बैरागढ़ शाखाओं में बेहतर सेवाएं दीं। बैंकिंग सेवाओं में पहले से काफी बदलाव आ रहा है। सेंट लखपति योजना सेंट्रल बैंक की चर्चित योजना है। इसी तरह ऋणी खाता धारकों के निलए सरल समझौता नीति लागू की गई है। यहां की ब्रांच की सेवाएं बेहतर होने से ग्राहक खुश हैं। सेन्हिया शीघ्र ही स्वच्छता पर शार्ट फिल्म बनाने जा रहे हैं।



Rajkumar Soni की फ़ोटो.

शनिवार, 10 सितंबर 2016

भोपाल की यंग वूमेन का जज्बा


भोपाल की यंग वूमेन का जज्बा


हर क्षेत्र में समाजसेवा

किसी देश की तरक्की में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। परिवार को संभालने वाली महिलाएं आज समाज और देश को नई दिशा दे रही हैं। ये सिलसिला आजादी के बाद से अब तक अनवरत चल रहा है। चाहे जितनी मुश्किलें हो लेकिन आगे बढऩे और खुद को स्थापित करने का जज्बा महिलाओं को कामयाब बना रहा है। ऐसी ही भोपाल की यंग वूमेन के एक ग्रुप ने हर क्षेत्र में समाजसेवा करने का संकल्प दो साल पहले लिया था। अब तक यह वूमेन हजारों गरीबों की मदद, कैंसर पीडि़त, ब्लड डोनेशन व वस्त्र वितरण, बच्चों की काउंसिलिंग सहित कई तरह की सेवाएं करने हमेशा तत्पर रहती है।

- राजकुमार सोनी


भारतीय समाज में महिलाओं का विशिष्ट स्थान रहा हैं। पत्नी को पुरूष की अर्धांगिनी माना गया है। वह एक विश्वसनीय मित्र के रूप में भी पुरुष की सदैव सहयोगी रही है। लेकिन पुरुष वर्चस्व मानसिकता वाले समाज ने महिलाओं को घर की दहलीज से बाहर कदम रखने पर पाबंदी लगाता रहा है। महान लेखिका महादेवी वर्मा ने कहा था कि ''नारी केवल एक नारी ही नहीं अपितु वह काव्य और प्रेम की प्रतिमूर्ति है। पुरुष विजय का भूखा होता हैं और नारी समर्पण की। शायद इसीलिए अपने सुनहरे भविष्य के सपने देखने वाली महिलाएं अब कामयाबी की सीढिय़ां चढ़ती जा रही हैं।

सशक्त होती महिलाएं
19वीं सदी में जब पुनर्जागरण शुरू हुआ तो महिलाओं के कल्याण के कई आंदोलन हुए। भारत की आजादी की लड़ाई में महिलाओं की गौरवमयी भागीदारी रही। कस्तूरबा गांधी, विजयलक्ष्मी पंडित, कमला नेहरु, सुचेता कृपलानी, सरोजिनी नायडू जैसी महिलाओं ने भारत की आजादी के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। बीसवीं सदी की शुरुआत में महिलाएं अपनी प्रगति की नई इबारत लिखना शुरू किया, वे शिक्षा से चिकित्सा के क्षेत्र में खुद को स्थापित करने में लगीं। उनकी यह पहल समाज में महिलाओं की बदलती भूमिका को प्रतिस्थापित कर रहा था। आजादी के बाद से महिलाएं राजनीति में नया मुकाम बनाना शुरू किया, वे लोकसभा, राज्यसभा, विधान सभाओं तथा स्थानीय निकायों का सशक्त नेतृत्व करने की भूमिका में आईं। महिला सशक्तिकरण के इस युग में महिलाओं को आगे बढऩे के लिए सरकारी प्रयास भी सफल होने लगे, महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए महिला आरक्षण भी इस प्रयास का हिस्सा है। आज बिजनेस, इंजीनियरिंग, विज्ञान-अनुसंधान, खेले के क्षेत्र महिलाएं पुरुषों से किसी स्तर पर कम नहीं हैं। पर सवाल यह है कि आज भी महिलाओं को बढऩे की आजादी समाज क्यों नहीं देता है? जबकि महिलाओं ने ये दिखा दिया कि प्रकृति रूप से पुरुष और महिला के बीच भेद वाले हजारों वर्षों की विचारधारा को झुठलाकर खुद को मजबूत और कामयाब बनाया है। लोकतंत्र सभी नागरिकों को रोजगार, सम्मान से जीने का अधिकार और सुरक्षा प्रदान करने का अधिकार देता है। लेकिन महिलाओं पर बढ़ रही हिंसा और लगातार महिलाओं के सम्मान और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले लोग भी इसी समाज का हिस्सा हैं। महिलाओं को भोग की वस्तु समझने वाले कथित ऐसे पुरुष मानसिकता के खिलाफ कब समाज जागेगा? महिलाओं की संरक्षा के लिए चाहे जितने कानून बना दिया जाए लेकिन सबसे बड़ी जरूरत है, महिलाओं के प्रति समाज के नजरिए में बदलाव आना।

बिजनेस में बढ़ती महिलाओं की भागीदारी
एक सर्वे के अनुसार भारतीय महिलाओं की भागीदारी कुल उद्योगों में दस प्रतिशत हैं और यह भागीदारी निरंतर गतिशील हो रही है। बैंकिग, केंद्र सरकार, राज्य सरकार, कॉर्पोरेट जगत, स्वयंसेवी संस्थाओं तकनीकी क्षेत्र आदि में स्किल से लैस महिलाएं भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ा रही हैं। महिलाओं के काम करने की क्षमता जैसे, नेटवर्किंग की क्षमता, काम प्रति समर्पण, सहयोगियों के साथ मधुर व्यवहार, सीखने की जिज्ञासा, सकारात्मक सोच के इन्हीं गुणों के कारण महिलाएं आज इन क्षेत्रों में सफल नेतृत्व भी कर रही हैं।

9 लाख 95144 लघु उद्योग
दूसरे सर्वे के अनुसार भारत में कुल 9 लाख 95144 लघु उद्योग उद्यमशाील महिलाओं द्बारा संचालित हैं। स्वयं सहायता समूह बनाकर महिलाएं दूसरी सैकड़ों महिलाओं को अत्मनिर्भर बना रही हैं। केरल में ऐसे स्वयं सहायता समूह के कारण आज वहां सौ प्रतिशत महिलाएं साक्षर हैं और अपने अधिकारों के लिए सजग हैं।

परिवार में खुशहाली और आर्थिक तंगी होती है दूर
रिसर्च से ये बात सामने आया है कि महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने से परिवार में खुशहाली और आर्थिक तंगी भी दूर होती है, क्योंकि उस परिवार में अभी तक पुरुष ही कमाते थे और परिवार की बढ़ती जरूरतों को बमुश्किल से पूरा कर पाते हैं। ऐसे में महिलाएं का आत्मनिर्भर बनना, बच्चों को अच्छी शिक्षा और अच्छा पोषण दोनों उपलब्ध होता है। मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में ये तथ्य सामने आए हैं।

समाज सेवा को बनाया मिशन

नीलम विजयवर्गीय, समाजसेविका
नीलम विजयवर्गीय, समाजसेविका

सुख समर्पण संस्था की चेयरमैन नीलम विजयवर्गीय का मानना है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से भी निर्भर होना चाहिए। परिवार का सही और सुचारू रूप से संचालन करने के लिए महिलाओं को हर माह बचत अवश्य करना चाहिए जो परिवार के किसी भी सदस्य के बुरे समय काम आ सकती है। दूसरों की सेवा करने से जो आत्मसंतोष व पॉजीटिव ऊर्जा मिलती है उसे हम शब्दों से बयां नहीं कर सकती। हमने दो साल पहले सुख समर्पण संस्था को बहुत छोटे पैमाने पर शुरु किया था। आज संस्था में 700 से अधिक महिलाएं समाजसेवा का काम बेहतर ढंग से कर रही हैं। संस्था गरीबों को मदद ब्लड डोनेशन, बच्चों की काउंसिलिंग में मदद करती है।

एकल परिवार धैर्य से काम लें

संगीता खुराना, व्यवसायी


पहले संयुक्त परविार हुआ करते थे आज अधिकांश एकल परिवार चल रहे हैं। यह एक बड़ी कमी है। अगर पति-पत्नी या बच्चे किसी समस्या में उलझ जाएं तो हल करना मुश्किल हो जाता है। हम पिछले दो साल से अपने व्यवसाय के साथ ही समाजसेवा से जुड़ी हूं। हमने यह देखा कि झुग्गी बस्ती के बच्चों की, सरकारी प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की, बुजुर्गों आदि की सेवा करने वाला कोई नहीं है।

 

 

संगठन में शक्ति है

नीलम मनचंदा, गृहणी

पुरुष की कामयाबी में स्त्री का हाथ होता है, उसी तरह स्त्री की कामयाबी में पुरुष का बड़ा योगदान है। महिलाओं को संगठित होकर कार्य करना चाहिए तभी सही मायने में महिला सशक्तिकरण का वजूद टिक पाएगा। मप्र व केंद्र सरकार ने महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं जिनका लाभ वूमेन को अधिक से अधिक उठाना चाहिए। हमें समाजसेवा का कार्य करना बहुत अच्छा लगता है।

महिलाएं हो रहीं जागरुक

वैशाली रतनानी, टीचर

जागरुकता के कारण महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इसमें संचार क्रांति का महत्वपूर्ण योगदान है। भोपाल में गैस कांड के पीडि़तों को अभी तक उचित मदद नहीं मिल पा रही है, जबकि ऐसे पात्रों को मदद मिल रही है जिनका इस कांड से वास्ता ही नहीं है। सही गैस पीडि़तों को अगर समय पर आर्थिक मदद व इलाज हो जाए तो काफी परेशानियां उन परिवारों की दूर हो जाएं जो ये दंश कई सालों से झेल रहे हैं। मेरा ऐसा मानना है कि हर महिला को गरीब, बेसहारा, जरूरत मंद लोगों की समय-समय पर मदद करते रहना चाहिए जिससे उनका भरण-पोषण हो सके।

 

बेटियों को आगे बढ़ाएं

शालिनी जैन, गृहणी

देशभर में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। यह भारत के निवासियों के लिए सुखद पहलू है। मेा मानना है कि अभिभावक बेटों की तरह ही बेटियों को घर में सम्मान दें और उन्हें भी हर क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्ररित करें। अगर ऐसा होगा तो भारत ही नहीं पूरी दुनिया में बेटों के साथ बेटियों का भी डंका बजेगा। आज भले ही वूमेन अपने आपको घर या बाहर असुरक्षित महसूस समझती हो लेकिन उसे याद रखना चाहिए कि नारी शक्ति दुर्गा भी है और काली भी है। स्त्रियों की शक्ति को किसी भी तरह से कम नहीं आंका जा सकता। बेटियों को उच्च शिक्षित करें और समाज में उनका नाम रोशन करें। हां एक बात यह कि परिवार की गाड़ी को सामंजस्य से जिंदगी भर चलाएं, आपको अपार खुशियां मिलेंगी।

दो साल में सेवा

स्लम एरिया
5200

लड़के-लड़कियों को आर्थिक सहायता, खाद्य सामग्री, वस्त्र वितरण
कैंसर हास्पिटल
115
बच्चों को आर्थिक सहायता, खाद्य सामग्री, वस्त्र वितरण
ब्लड डोनेट
225
महिला ग्रुप के सदस्यों द्वारा
नेत्रदान
50
महिला ग्रुप के सदस्यों द्वारा सेवा सदन के माध्यम से
काउंसिलिंग
450
मन में खुदकुशी का भाव नहीं आने पाए ऐसे बच्चों को काउंसिलिंग के जरिये उन्हें जीने की प्रेरणा दी।