मंगलवार, 8 जनवरी 2013

गैंगरेप में अभियुक्तों को मिला वकील


दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले में तीन अभियुक्तों को पैरवी के लिए एक वकील मिल गया है.
मनोहर लाल शर्मा नामक एक वकील ने बीबीसी को बताया है कि वह अभियुक्त मुकेश सिंह, अक्षय ठाकुर और राम सिंह का अदालत में बचाव करेंगे.
इस मामले की अगली सुनवाई साकेट कोर्ट में दस जनवरी को होनी है.
इससे पहले, वकील बिरादरी ने सामूहिक बलात्कार के किसी भी अभियुक्त की पैरवी नहीं करने की बात कही थी.
इस मामले में सात जनवरी को पहली बार अभियुक्तों को कोर्ट में पेश किया गया था.
लेकिन अभियुक्तों के कोर्ट में पहुंचने से पहले ही मीडिया की उपस्थिति और हो-हल्ले को देखते हुए मजिस्ट्रेट नमरिता अग्रवाल ने मामले की सुनवाई बंद कमरे में करने के निर्देश दिए थे.

विरोध और पैरवी

"हम एक आधुनिक समाज में रह रहे हैं. हम शिक्षित हैं. जिस पर भी आरोप लगा है, चाहे वो कोई भी अपराध हो. बचाव उसका क़ानूनी अधिकार है. अगर कोई उसका बचाव नहीं करेगा तो उन्हें न्याय नहीं मिलेगा."
मनोहर लाल शर्मा
इससे पहले जब वकील मनोहर लाल शर्मा ने इस मामले में अभियुक्तों की पैरवी की पेशकश की थी तो बाकी वकीलों ने उनका विरोध किया था.
साकेत कोर्ट के बार एसोसिएशन ने इस मामले में अभियुक्तों की तरफ से केस नहीं लड़ने का फैसला किया है.
मनोहर लाल शर्मा का कहना था, ''हम एक आधुनिक समाज में रह रहे हैं. हम शिक्षित हैं. जिस पर भी आरोप लगा है, चाहे वो कोई भी अपराध हो. बचाव उसका क़ानूनी अधिकार है. अगर कोई उसका बचाव नहीं करेगा तो उन्हें न्याय नहीं मिलेगा.''
अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या, सामूहिक बलात्कार, हत्या की कोशिश, अपहरण, अप्राकृतिक अपराध, डकैती, डकैती के दौरान हिंसा, सबूत मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराएं लगाई गई हैं.
इस मामले का छठा अभियुक्त एक किशोर है, उसका मुकदमा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा.
पुलिस ने राम सिंह, मुकेश सिंह, विजय शर्मा, अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाख़िल किया है.

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