बुधवार, 2 जनवरी 2013

रेप शरीर के साथ आत्मा पर भी हमला: CJI


गैंगरेप रेप की घटना पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर ने कहा है कि ये लड़की की आत्मा के खिलाफ अपराध है.
साकेत कोर्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद्घाटन करते हुए जस्टिस कबीर ने कहा कि जब तक कोई बड़ी घटना नहीं होती कानून का पालन नहीं किया जाता. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने काले शीशे हटाने का आदेश दिया था, अगर शीशे हटाए जाते तो शायद ये घटना नहीं घटती.
पीड़ित लड़की के नाम से कानून बनाने की मांग
उधर पीड़ित लड़की के नाम से कानून बनाए जाने की सिफारिश कर शशि थरूर ने एक नई बहस को हवा दे दी है. कांग्रेस पार्टी ने इस बारे में कुछ भी ठोस कहने के बदले शशि थरूर को झिड़क दिया है. बीजेपी ने य़ू टर्न ले लिया है और कानून कहता है कि बलात्कार पीड़ित का नाम सार्वजनिक नहीं किया जा सकता.
गृह मंत्रालय के सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक भारतीय दंड विधान में ऐसे कोई प्रावधान नहीं है कि किसी व्यक्ति विशेष के नाम से कानून बने. हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता और दूसरे लोग पैरवी कर रहे हैं कि पीड़ित लड़की के सम्मान के लिए ऐसा किया जाना चाहिए.


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