रविवार, 27 जनवरी 2013

राजनाथ ने दी शिंदे को चुनौती, कहा-RSS, BJP पर प्रतिबंध लगाएं


नई दिल्ली : हिंदू आतंकवाद टिप्पणी के लिए सुशील कुमार शिंदे पर करारा प्रहार करते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि गृहमंत्री ने इस टिप्पणी से भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया है। सिंह ने गृह मंत्री को चुनौती दी कि अगर इन संगठनों के खिलाफ कोई साक्ष्य है तो आरएसएस एवं भाजपा पर प्रतिबंध लगाएं और सभी नेताओं को गिरफ्तार करें।

शिंदे की टिप्पणी पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए राजनाथ ने स्पष्ट किया कि पार्टी शिंदे को हटाने के लिए अपनी मुहिम संसद के बजट सत्र में भी जारी रखेगी जिसके अगले महीने के तीसरे सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है।

गृहमंत्री की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिंह ने कहा,‘अगर गृह मंत्री के तौर पर आप समझते हैं कि आरएसएस और भाजपा आतंकवाद का पोषण कर रहे हैं तब हमने भी उन प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लिया होगा। क्या हम आतंकवादी हैं? क्या आप हमें आतंकवादी समझते हैं? अगर ऐसा है तब हमें जेल में डालिए।’

जयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर में शिंदे ने आरएसएस और भाजपा पर अपने प्रशिक्षण शिविर में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि शिंदे ने वोट बैंक की राजनीति के कारण इस तरह की टिप्पणी की।

शिंदे के हिन्दू आतंकवाद संबंधी टिप्पणी के समर्थन में गृह सचिव आरके सिंह की ओर से कुछ नाम के उल्लेख की खबर के बारे में पूछे जाने पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आरएसएस एक बड़ा संगठन है और किसी ना किसी ने कभी ना कभी शिविर में हिस्सा लिया होगा।

राजनाथ ने कहा,‘इसका अर्थ यह नहीं है कि संगठन आतंकवादी संगठन है। ऐसा संभव है कि ऐसे लोग विगत में कांग्रेस से भी जुड़े होंगे। कानून अपना काम करेगा। पूरे संगठन को कुछ लोगों के कार्यों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। यहां तक की परिवार में भी एक व्यक्ति कोई गलत काम करता है तब पूरे परिवार को अपराधी नहीं ठहराया जाता।’

जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद के शिंदे की टिप्पणी का इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के गृह मंत्री के बयान का पाकिस्तान का आतंकवादी संगठन समर्थन कर रहा है और सरकार चुप है।

उन्होंने कहा,‘जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद ने पूरी दुनिया को यह बताने का प्रयास किया कि भारत आतंकवादी देश है। क्या भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धक्का नहीं पहुंचा है? ’ राजनाथ ने इस विषय में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

राजनाथ ने कहा,‘हमने प्रधानमंत्री से शिंदे के बयान पर माफी मांगने और इसे वापस लिए जाने की मांग की। प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी ने इस पर चुप्पी साधे रखी। जब देश की छवि के सवाल पर प्रधानमंत्री नहीं बोले तब वह कब बोलेंगे?’

उन्होंने कहा,‘और अगर कांग्रेस अध्यक्ष भारत की छवि से जुड़े विषय पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं देंगी तब कब बोलेंगी?’
भाजपा अध्यक्ष का कहना था कि पूरी दुनिया की एजेंसियां कह रही हैं कि लश्कर ए तैयबा और अन्य आतंकवादी संगठन मक्का मस्जिद और अजमेर विस्फोट के पीछे हैं लेकिन भारत के गृह मंत्री कह रहें हैं कि इनके पीछे आरएसएस और भाजपा है।

उन्होंने कहा,‘गृह मंत्री के बयान से वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को धक्का पहुंचा है जो वोट बैंक की राजनीति को ध्यान में रखते हुए दी गई है। कांग्रेस को ऐसे बयानों से कोई चिंता नहीं है जिससे भारत की छवि को वैश्विक स्तर पर धक्का पहुंचता हो। उन्हें केवल सत्ता में बने रहने की चिंता है।’

शिंदे की टिप्पणी को कांग्रेस की व्यग्रता करार देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति केवल सरकार में बने रहने के लिए नहीं की जानी चाहिए बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा संसद के आगामी सत्र में संसद के दोनों सदनों में और बाहर इस विषय को जोरदार ढंग से उठाएगी।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा,‘हम संसद की कार्यवाही बाधित नहीं करना चाहते हैं लेकिन हम देश के सम्मान और भ्रष्टाचार के विषय पर सरकार को घेरेंगे। संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की जवाबदेही सरकार की है।’
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स्रोत (साभार) :   http://zeenews.india.com

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