मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018

पहली नजर का पहला प्यार-नीलम-संजय विजयवगीय


यदि मुहब्बत इतनी रहस्यमय न होती तो क्या मिर्जा गालिब 'इस इश्क के कायदे भी अजब हैं गालिब, करो तो बेहाल हैं, न करो तो बेहाल' जैसा शेर लिखते? आपने कभी गौर किया है कि इस प्रेम, प्यार जैसे शब्दों को लेकर कितने विवाद रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह तो एक भावना है, जिसका एहसास धीरे-धीरे ही होता है, लेकिन कुछ तो बिलकुल प्रूफ के साथ कहते हैं, यह तो पहली नजर का प्यार है जो बस एक बार देखते ही हो जाता है। यह एक तीर है जो दिल के पार हो जाता है।
यह मुहब्बत का तीर है, जिगर के पार हो जाता है पता भी नहीं चलता, न जाने कब प्यार हो जाता है इस बारे में एक बात तो तय है कि दुनिया चाहे कुछ भी बोलती रहे, प्यार करने वाले इस बेकार के विवाद में नहीं फँसते कि प्यार और पहली नजर में कोई रिश्ता होता है या नहीं? प्रेमी युगल तो प्यार में डूबते हैं और उन अनमोल क्षणों को बाँधकर, सहेजकर रखने के लिए पूरा जोर लगा देते हैं। और फिर बताइए इसमें गलत भी क्या है? प्यार तो ईश्वर का प्रसाद ही है, बशर्ते आप उसे गलत जगह, गलत तरीके से इस्तेमाल न करें।

नीलम-संजय विजयवगीय

हमारी अरेंज्ड मैरिज थी और शादी के 23 खूबसूरत साल का सफर तय कर लिया है। हमारी लव स्टोरी की शुरुआत तब हुई जब ये मुझे देखने आये। वो पहली नजर का प्यार था। जब रिश्ता तय हो गया तो धीरे-धीरे फोन पर बातें शुरू हुईं और लव-लैटर आने-जाने लगे, तब एक दूसरे को जानने की शुरुआत हुई। और शादी के प्यारे बंधन में बंध गए। हमारी प्यार रूपी बगिया में हमारे बच्चों ने और खूबसूरत रंग भर दिए हैं । समय के साथ आपसी समझ और प्यार रिश्ते को और मजबूत बना रहे हैं । खट्टी-मीठी नोक-झोंक रिश्ते को खूबसूरत बना रही है। उनका मेरे लिए केयरिंग होना सबसे अच्छा लगता है । वैसे तो गिफ्ट्स कभी भी मिले अच्छे लगते हैं लेकिन करवा चौथ और वेलेंटाइन डे दिन मिलने वाले गिफ्ट्स की बात ही कुछ और है।




पहली नजर का पहला प्यार



यदि मुहब्बत इतनी रहस्यमय न होती तो क्या मिर्जा गालिब 'इस इश्क के कायदे भी अजब हैं गालिब, करो तो बेहाल हैं, न करो तो बेहाल' जैसा शेर लिखते? आपने कभी गौर किया है कि इस प्रेम, प्यार जैसे शब्दों को लेकर कितने विवाद रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह तो एक भावना है, जिसका एहसास धीरे-धीरे ही होता है, लेकिन कुछ तो बिलकुल प्रूफ के साथ कहते हैं, यह तो पहली नजर का प्यार है जो बस एक बार देखते ही हो जाता है। यह एक तीर है जो दिल के पार हो जाता है।
यह मुहब्बत का तीर है, जिगर के पार हो जाता है पता भी नहीं चलता, न जाने कब प्यार हो जाता है इस बारे में एक बात तो तय है कि दुनिया चाहे कुछ भी बोलती रहे, प्यार करने वाले इस बेकार के विवाद में नहीं फँसते कि प्यार और पहली नजर में कोई रिश्ता होता है या नहीं? प्रेमी युगल तो प्यार में डूबते हैं और उन अनमोल क्षणों को बाँधकर, सहेजकर रखने के लिए पूरा जोर लगा देते हैं। और फिर बताइए इसमें गलत भी क्या है? प्यार तो ईश्वर का प्रसाद ही है, बशर्ते आप उसे गलत जगह, गलत तरीके से इस्तेमाल न करें।

नीलम-संजय विजयवगीय


हमारी अरेंज्ड मैरिज थी और शादी के 23 खूबसूरत साल का सफर तय कर लिया है। हमारी लव स्टोरी की शुरुआत तब हुई जब ये मुझे देखने आये। वो पहली नजर का प्यार था। जब रिश्ता तय हो गया तो धीरे-धीरे फोन पर बातें शुरू हुईं और लव-लैटर आने-जाने लगे, तब एक दूसरे को जानने की शुरुआत हुई। और शादी के प्यारे बंधन में बंध गए। हमारी प्यार रूपी बगिया में हमारे बच्चों ने और खूबसूरत रंग भर दिए हैं । समय के साथ आपसी समझ और प्यार रिश्ते को और मजबूत बना रहे हैं । खट्टी-मीठी नोक-झोंक रिश्ते को खूबसूरत बना रही है। उनका मेरे लिए केयरिंग होना सबसे अच्छा लगता है । वैसे तो गिफ्ट्स कभी भी मिले अच्छे लगते हैं लेकिन करवा चौथ और वेलेंटाइन डे दिन मिलने वाले गिफ्ट्स की बात ही कुछ और है।

कामना गौर


मैं रायपुर की हूं और मेरे हसबैंड भोपाल के। हमारी पहली मुलाकात एक होटल में हुई जहां परिवार के और सदस्य भी मौजूद थे। वहां ज्यादा बातचीत नहीं हुई लेकिन मुझे पहली नजर का प्यार हो गया और हमारी शादी हो गई। शुरुआत में नये परिवार में आकर कुछ डर लगता था लेकिन उनका मेरी हर बात को समझना मुझे उनके और करीब लाता गया। शादी के बाद मेरे जन्मदिन को फूलों और काडस देकर यादगार बना दिया। ये वेलेंटाइन हमारे रिश्ते को और मजबूत बना देगा।


नीलम-गिरीश मनचंदा


वह दिन था 14 फरवरी का जिस दिन वह मुझे देखने आए और हमने एक दूसरे की आखों मैं देखा। देखते ही ऐसा लगा कि वो मेरे लिए मैं उनके लिए बनी हूं । नशा था उनके प्यार का जिसमें हम खो गए। उन्हें भी पता न चला कि हम कब उनके हो गए; फिर क्या था हमारी शादी हुई, शादी भी उस दिन जिसे सब मनाते है (31 दिसंबर) आज हमारी शादी को 20 साल हो गए है ... लेकिन एसा लगता ही कल ही हमारी शादी हुई हो मुझे ऐसा जीवन साथी मिलेगा जिसकी मैने कल्पना भी न की थी ... बस यही कहूंगी....हम उनके हमसफर क्या बने , हम खुदको भूल गए। जमाना क्या याद रहता , जब हम खुदा को भूल गए मै यही दुआ करती हूं हर जन्म मैं यही हम सफर मिले












 राखी विजयवर्गीय


प्यार का सिलसिला एक-दूसरे को देखने के बाद ही शूरू हुआ । पहली बार देखने के बाद ही महसूस हुआ कि हम एक-दूसरे के लिए ही बने हैं । सगाई और उसके बाद शादी ने हमारे रिश्ते को और मजबूत बना दिया। ऑफिस जाते समय बाय करके जाना अच्छा लगता है । ये प्यार का रिश्ता इतना खूबसूरत है कि चाहूंगी हर जन्म मे हम दोनों ही एक-दूसरे के जीवन साथी हो